यूटीआई यानी की यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन का संक्रमण ना केवल बड़ों को बल्कि छोटे बच्चों को भी हो सकती हैं। इस समस्या के होने पर बच्चे में डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम होने लगती है। डायबिटीज इन्सीपिंडस, सिर पर चोट लगना, पोटेशियम की कमी, जरूरत से ज्यादा पानी पीना, मैनीटॉल चिकित्सा के कारण और डायबिटीज मेलीटस के कारण बच्चों में यूरिन इंफेक्शन हो जाता है। अगर आप बच्चा दिन में 7 से 8 बार पेशाब करने जाता है तो हो सकता है कि उसको यूरिन इफेक्शन की समस्या हो।यूरिन इंफेक्शन के लक्षण
1. बुखार आना
2. पेशाव करते समय दर्द होना
3. बार-बार बाथरूम जाना
4. उल्टियां होना
5. पेशाब से दुर्गंध आना या रंग बदलना
6. पसली और कूल्हे की हड्डी में दर्द
7. पेट में दर्द होना
यूटीआई से बचने के उपाय
बच्चों को इस समस्या से बचाने के लिए आपको थोड़ा सतर्क रहना बहुत जरूरी है। आपकी थोड़ी सी सावधानी छोटे बच्चे को यूटीआई से बचा सकता है। जब भी बच्चे का नैपी बदले तो उसको प्राइवेट पार्ट को अच्छे से साफ करें। इसके साथ ही बच्चे को ज्यादा देर तक गंदी नैपी में ना रहने दें। बच्चे की डाइट में तरल पदार्थ जरूर शामिल करें।
बड़े बच्चे को हर बार बाथरूम जाने के बाद प्राइवेट पार्टी की सफाई करने के लिए कहें। इस प्रकार ऐसी छोटी- छोटी बातों को ध्यान में रख कर आप अपने बच्चे को इस तरह के रोगों से दूर रख सकते हैं।
बच्चों को इस समस्या से बचाने के लिए आपको थोड़ा सतर्क रहना बहुत जरूरी है। आपकी थोड़ी सी सावधानी छोटे बच्चे को यूटीआई से बचा सकता है। जब भी बच्चे का नैपी बदले तो उसको प्राइवेट पार्ट को अच्छे से साफ करें। इसके साथ ही बच्चे को ज्यादा देर तक गंदी नैपी में ना रहने दें। बच्चे की डाइट में तरल पदार्थ जरूर शामिल करें।
बड़े बच्चे को हर बार बाथरूम जाने के बाद प्राइवेट पार्टी की सफाई करने के लिए कहें। इस प्रकार ऐसी छोटी- छोटी बातों को ध्यान में रख कर आप अपने बच्चे को इस तरह के रोगों से दूर रख सकते हैं।



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